इन डोर फार्मिंग:- उत्तराखण्ड में कृषि एवं बागवानी के विकास के लिए एक सामुदायिक सहयोग की पहल । पहला कदम हम सबको मिलकर उठाना होगा । यदि आप उत्तराखंड से हैं तो अवश्य पढ़ें ।


 प्रस्ताव: संसाधनों  कमी के बावजूद उत्तराखंड में कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने के लिए हम इन डोर फार्मिंग के एक मॉडल का विकास करना चाहते हैं। यह मॉडल उत्तराखंड के कृषि एवं बागवानी को सुरक्षित बनाकर उन्नत और व्यावसायिक बनाने में मदद करेगा। हालांकि, हमारे पास इस प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं। हम एक सामुदायिक सहयोग की आवाज बनाने के लिए आपका सहयोग चाहेंगे।


परिचय:

उत्तराखंड एक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर राज्य है जहां कृषि एवं बागवानी  अत्यंत महत्वपूर्ण और आर्थिक गतिविधियों में से एक है । और यहां जैविक कृषि एवम बागवानी में अनंत संभावनाएं हैं   लेकिन  जंगली जानवरों की समस्या जिसकी वजह से कृषि एवं बागवानी से धीरे धीरे लोगों का मोह भंग हो रहा है । परिणम स्वरूप  गांव के गांव खाली होकर भूतिया गांवों के रूप में परिवर्तित हो रहे हैं और हजारों हेक्टेयर कृषि एवं बागवानी की भूमि बंजर होती जा रही है   यह सेक्टर  धीरे-धीरे प्रभावित हो रहा है ।  वन्य जानवरों के  द्वारा उत्पादन प्रभावित हो रहा है  जिस कारण, उत्तराखंड में  कृषि और बागवानी  संबंधित व्यक्तियों के लिए अभिशाप बन गई हैं।


इन डोर फार्मिंग का प्रस्ताव:

इस समस्या का हल खोजने के लिए हम इन डोर फार्मिंग के एक मॉडल का विकास करना चाहते हैं जो उत्तराखंड के कृषि एवं बागवानी के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित अनुभव प्रदान करेगा। इन डोर फार्मिंग में एक विज्ञान-प्रधान तकनीक होगी जिसमें विभिन्न पादपों को नियंत्रित आवास में उगाया जाता है, जैसे कि उच्च गुणवत्ता वाली 

हर प्रकार की व्यवसायिक खेती गिलोय, फलों के बगीचे , टमाटर, पत्तागोभी, और फूलों की खेती के लिए आदर्श है। हम इसको विकसित करके सरकारों के समक्ष एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं । ताकि सरकारें इस  दिशा में निर्णायक कदम उठाने एवम इस मॉडल को धरातल पर उतारने हेतु मजबूर हो जाए । पहला कदम हमें सामुदायिक सहयोग के माध्यम से उठाना होगा । क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता ।


इसके लाभ:


सुरक्षित क्षेत्र: इन डोर फार्मिंग उत्तराखंड के कृषि और बागवानी को वन्य जानवरों के हमलों से सुरक्षित रखेगा। उच्च बाढ़, बर्फबारी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह आदर्श है।

उन्नत उत्पादकता: इन डोर फार्मिंग तकनीक से बेहतर और आशानुरूप उत्पादन लिया जा सकेगा।कृषि और बागवानी की उत्पादकता को बढ़ाएगा। नियंत्रित माध्यम में पौधों को उगाने से उन्नत फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, जो उच्च गुणवत्ता और मानकों को पूरा करेगी।

3. वाणिज्यिक अवसर: इन डोर फार्मिंग के माध्यम से उत्पादित फसलें और फूल उच्च मानकों के साथ वाणिज्यिक बाजार में बेचे जा सकते हैं। इससे कृषि और बागवानी को व्यावसायिक बनाने का एक नया अवसर प्राप्त होगा।


प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा: इन डोर फार्मिंग उत्तराखंड के जल, मिट्टी और ऊर्जा संसाधनों की रखरखाव करेगा। साथ ही, जल प्रबंधन, उर्जा संग्रह और पर्यावरणीय सतत उपयोग के माध्यम से समुदाय को जागरूक करने में मदद करेगा।

रोजगार की सम्भावनाएं: इन डोर फार्मिंग के विकास से स्थानीय लोगों को नए रोजगार संबंधित अवसर मिलेंगे, जैसे कि टेक्नोलॉजी संचालन, पौधों की देखभाल, उत्पादन और विपणन। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ और समृद्ध करने में मदद करेगा। यदि हमारे पास सुरक्षित इन डोर फार्मिंग का स्ट्रक्चर होगा तो , नए कृषि स्टार्टअप उत्तराखंड में शुरू होंगे ।

सुरक्षित इन डोर फार्मिंग स्ट्रक्चर के माध्यम से  हम अपनी जमीन कृषि एवम बागवानी में स्टार्टअप करने वाले लोगों को किराए के रूप में दे सकेंगे ।

हमारा आपके साथ साझा करने का मकसद यह है कि हम सामुदायिक सहयोग की एक मजबूत आवाज बनाएं ताकि हम इन डोर फार्मिंग के मॉडल के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों को प्राप्त कर सकें। हम आपकी सहायता और समर्थन की आशा करते हैं ताकि हम एक समृद्ध और सुरक्षित कृषि एवं बागवानी के लिए उत्तराखंड में एक सामुदायिक परिवर्तन प्रारंभ कर सकें।

यदि आप वास्तव में उत्तराखंड के विकास के पक्षधर हैं तो , आप देश विदेश की धरती पर जहां भी हैं । इस सामुदायिक सहयोग को अपना  समर्थन अवश्य दीजिए । अगली बार  जब आप उत्तराखंड आएं तो आपको उत्तराखंड अनाजों, फलों , सब्जियों एवम फलों फूलों से लदा हुआ मिले । बंजर ना मिले यह आपकी जन्मभूमि है , आपकी मातृ भूमि है , आपकी कर्म भूमि दुनियां में जहां भी हो , अपनी जन्मभूमि और मातृभूमि की जड़ों को सींचते रहिएगा हम सभी हरे भरे रहेंगे । यहां सिर्फ पिकनिक मनाने मत आएगा  इसके विकास हेतु सिर्फ बातें मत कीजिएगा । कुछ कदम भी उठा लीजिएगा । अब देखना यह होगा कि इस पोस्ट को कितने लोगों का समर्थन मिलता है ,जिससे यह पता लग सके कि वास्तव में लोग राज्य के प्रति संवेदनशील हैं या नहीं । सरकारों का क्या ? आती रहेंगी और जाती रहेंगी ।


धन्यवाद और सामुदायिक सहयोग की आशा करते हैं।

याद रखिए आपका सहयोग सर्वोपरि और ऐतिहासिक होगा ।

सहयोग करने वाले महानुभावों को ब्लॉग के माध्यम से पूर्ण सम्मान दिया जाएगा । इस परियोजना के धरातल पर उतरने पर  सहयोग देने वालों का नाम प्राथमिकता के आधार पर लोकार्पण पटल पर दर्ज होगा । अधिक जानकारी हेतु आपश्री 9548925502 पर watsup कर सकते हैं वित्तीय सहयोग देने के लिए UPI ID 9548925502@axl का प्रयोग कर सकते हैं। इस विचार को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए शेयर जरूर कीजिए ताकि यह विचार धरातल पर क्रियान्वित हो सके । आपका सहयोग सर्वोपरि होगा।

पुनः धन्यवाद।

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